एक लीटर में 45 किलोमीटर चलेगी दुनिया की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली हाइब्रिड कार

ईंधन दक्षता के मामले में नया विश्व रिकॉर्ड

बीजिंग : गिली ऑटो कार ने लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में सिर्फ 2.22 लीटर पेट्रोल खर्च किया, यानी यह लगभग 45 किलोमीटर प्रति लीटर से भी ज्यादा का माइलेज देने में सक्षम है.
दुनिया में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और अब कंपनियों का फोकस सिर्फ पावर या डिजाइन पर नहीं बल्कि ज्यादा माइलेज और कम फ्यूल खपत वाली टेक्नोलॉजी पर है. इसी कड़ी में चीन की गिली ऑटो कंपनी ने एक नई AI बेस्ड हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पेश की है, जिसने फ्यूल एफिशिएंसी के मामले में एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. इसका नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज किया गया है.
इस नई तकनीक को i-HEV (Intelligent Hybrid Electric Vehicle) सिस्टम कहा जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सिस्टम से लैस कार ने लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में सिर्फ 2.22 लीटर पेट्रोल खर्च किया, यानी यह लगभग 45 किलोमीटर प्रति लीटर से भी ज्यादा का माइलेज देने में सक्षम है. यह आंकड़ा हाइब्रिड कारों की दुनिया में काफी बड़ा माना जा रहा है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का किया गया इस्तेमाल
इस टेक्नोलॉजी की खास बात यह है कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया है. यह AI सिस्टम कार की ड्राइविंग कंडीशन को लगातार समझता रहता है- जैसे सड़क कैसी है, ट्रैफिक कितना है, मौसम कैसा है और ड्राइवर किस तरह गाड़ी चला रहा है? इन सभी जानकारी के आधार पर यह सिस्टम खुद तय करता है कि कार को कब इलेक्ट्रिक मोड में चलाना है, कब हाइब्रिड मोड में और कब पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल करना है.
इससे फ्यूल की खपत काफी कम हो जाती है और कार ज्यादा स्मार्ट तरीके से चलती है. इस i-HEV सिस्टम में सिर्फ माइलेज ही नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस पर भी ध्यान दिया गया है. इसमें इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल इंजन दोनों का यूज होता है, जिससे ड्राइविंग स्मूद रहती है और जरूरत पड़ने पर बेहतर पावर भी मिलती है.
10 फीसदी तक ज्यादा एफिशिएंट है तकनीक
कंपनी का दावा है कि यह तकनीक पुराने हाइब्रिड सिस्टम की तुलना में लगभग 10 फीसदी तक ज्यादा एफिशिएंट है. इस सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि भविष्य में इसे कंपनी की अलग-अलग कारों जैसे सेडान और SUV मॉडल्स में इस्तेमाल किया जाएगा. इसका मकसद हाइब्रिड सेगमेंट में पहले से मौजूद मजबूत कंपनियों को टक्कर देना और ज्यादा किफायती टेक्नोलॉजी बाजार में लाना है.
गिली की यह AI आधारित हाइब्रिड टेक्नोलॉजी कार इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है. यह न सिर्फ कम फ्यूल में ज्यादा दूरी तय करने की क्षमता देती है, बल्कि स्मार्ट सिस्टम की मदद से ड्राइविंग को भी ज्यादा आधुनिक, आसान और किफायती बनाती है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का किया गया इस्तेमाल
इस टेक्नोलॉजी की खास बात यह है कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया है. यह AI सिस्टम कार की ड्राइविंग कंडीशन को लगातार समझता रहता है- जैसे सड़क कैसी है, ट्रैफिक कितना है, मौसम कैसा है और ड्राइवर किस तरह गाड़ी चला रहा है? इन सभी जानकारी के आधार पर यह सिस्टम खुद तय करता है कि कार को कब इलेक्ट्रिक मोड में चलाना है, कब हाइब्रिड मोड में और कब पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल करना है.
इससे फ्यूल की खपत काफी कम हो जाती है और कार ज्यादा स्मार्ट तरीके से चलती है. इस i-HEV सिस्टम में सिर्फ माइलेज ही नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस पर भी ध्यान दिया गया है. इसमें इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल इंजन दोनों का उपयोग होता है

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