ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौ तस्करों के लिए अब या तो कानून की गिरफ्त है या सरेंडर का रास्ता: एसएसपी
एसएसपी के अभियान का असर — गौ तस्करी छोड़ मुख्यधारा में लौटने की जताई इच्छा
कुख्यात गौवंश तस्कर ने ऑपरेशन शंखनाद’ के दबाव में किया सरेंडर
रायगढ़ : रायगढ़ पुलिस के गौ तस्करी विरोधी अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” को बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात गौवंश तस्कर रब्बुल खान ने एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह की सख्त मुहिम और लगातार बढ़ते पुलिस दबाव के आगे आखिरकार सरेंडर कर दिया। लैलूंगा पुलिस ने 39 वर्षीय आरोपी रब्बुल खान निवासी करवाजोर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
आरोपी रब्बुल खान गौवंश तस्करी के कारोबार में लंबे समय से सक्रिय था। उसके खिलाफ वर्ष 2023 में एक और वर्ष 2026 में दो गौ तस्करी के मामले दर्ज हैं। थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने इसी साल फरवरी में इसी गिरोह के उसके साथी देवानंद यादव को 16 गौवंश के साथ गिरफ्तार किया था। तभी से रब्बुल खान फरार चल रहा था। पुलिस की लगातार पतासाजी और “ऑपरेशन शंखनाद” के प्रभाव से आरोपी के छिपने के सभी ठिकाने खत्म हो गए और उसे मजबूरन सरेंडर करना पड़ा।
यह पूरा मामला 17 फरवरी का है जब लैलूंगा पुलिस ने झगरपुर मार्ग पर घेराबंदी कर देवानंद यादव को 16 गौवंश के साथ पकड़ा था। इन गौवंश को ओडिशा के बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। पूछताछ में इस तस्करी के मास्टरमाइंड के रूप में रब्बुल खान की भूमिका सामने आई थी। देवानंद पर थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 52/2026 छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर रिमांड पर भेजा गया था। उसी मामले में अब फरार मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस पूछताछ में आरोपी रब्बुल खान ने गौ तस्करी के अपराध से तौबा कर ली। उसने समाज की मुख्यधारा में लौटकर जीवनयापन करने की इच्छा जताई है। पुलिस इसे “ऑपरेशन शंखनाद” की बड़ी नैतिक और कानूनी सफलता मान रही है, जहां अपराधी पर केवल कार्रवाई ही नहीं हुई बल्कि अपराध छोड़ने का दबाव भी बना।
इस पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि “ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौ तस्करों के लिए अब या तो कानून की गिरफ्त है या सरेंडर का रास्ता। अपराध छोड़ने वालों को मौका दिया जाएगा और तस्करी करने वालों पर कठोर प्रहार जारी रहेगा।” उनका साफ कहना है कि यह अभियान सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि गौ तस्करों को सुधार का आखिरी मौका देने की मुहिम भी है।