हवाई सफ़र अब होगा सस्ता : सरकार ने दी विमानों के ईंधन में इथेनॉल मिलाने की अनुमति
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जारी की राजपत्र अधिसूचना
नई दिल्ली : भारत सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ में इथेनॉल को मिलाने की अनुमति दे दी है. इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. अब एटीएफ में इथेनॉल के अलावा अन्य सिंथेटिक या मानव-निर्मित हाइड्रोकार्बन को भी मिलाया जा सकेगा.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना के जरिए प्रवर्तन प्रावधानों को संशोधित आपराधिक प्रक्रियाओं के अनुरूप बनाया है. यह फैसला आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जारी ‘एविएशन टर्बाइन फ्यूल (मार्केटिंग का विनियमन) आदेश 2001’ में किए गए संशोधनों के बाद लिया गया है.
अब तक विमान सिर्फ पारंपरिक तेल पर चलते थे, लेकिन अब इसमें सिंथेटिक ईंधन मिलाने से खर्च कम होगा. क्योंकि सरकार का उद्देश्य विदेशों से आने वाले महंगे कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता को घटाना व प्रदूषण को कम करना है. यह कदम भारत को ‘नेट ज़ीरो’ उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर ले जाएगा.
इस ऐतिहासिक फैसले का सबसे बड़ा असर हवाई किराए पर पड़ने की उम्मीद है। वर्तमान में विमान पूरी तरह से महंगे विदेशी कच्चे तेल पर निर्भर हैं। ईंधन में इथेनॉल और सिंथेटिक ईंधन मिलाने से एयरलाइंस कंपनियों का परिचालन खर्च कम होगा, जिससे आने वाले समय में हवाई टिकट की कीमतें सस्ती हो सकती हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशों से आयात होने वाले महंगे कच्चे तेल पर निर्भरता को कम करना है।