MIRV तकनीक के साथ अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण सफल

पीएम मोदी ने मिशन दिव्यास्त्र के लिए दी DRDO के वैज्ञानिकों को बधाई

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नई दिल्ली : भारत ने सोमवार को रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. अग्नि-5 मिसाइल का पहला उड़ान परीक्षण सफल रहा है. इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीआरडीओ वैज्ञानिकों की ट्वीट कर बधाई दी है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया और लिखा, हमारे डीआरडीओ वैज्ञानिकों पर गर्व है,
परमाणु संपन्न बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 की मारक क्षमता आवाज की रफ्तार से 24 गुना ज्यादा है. यह अलग-अलग टारगेट को ध्वस्त कर पाने में सक्षम है
एमआईआरवी प्रौद्योगिकी के तहत किसी मिसाइल में एक ही बार में कई परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता होती है और इन हथियारों से अलग-अलग लक्ष्यों को भेदा जा सकता है. इसकी एक अन्य विशेषता यह है कि इसे सड़क के माध्यम से कहीं भी ले जाया जा सकता है. इससे पहले की अग्नि मिसाइलों में यह सुविधा नहीं थी.
अग्नि -5 मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (एमआईआरवी) तकनीक के साथ स्वदेशी रूप से विकसित पहला उड़ान परीक्षण है.
मिशन दिव्यास्त्र के परीक्षण के साथ एमआईआरवी क्षमता वाले देशों के समूह में शामिल हो गया भारत
मिशन दिव्यास्त्र के परीक्षण के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है जिनके पास एमआईआरवी क्षमता है. यह प्रणाली स्वदेशी एवियोनिक्स प्रणालियों और हाई एक्यूरेसी सेंसर पैकेजों से सुसज्जित है. यह क्षमता भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति की प्रतीक है.

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